डेवलपर डायरी के नवीनतम अपडेट में, BSG ने स्पष्ट किया है कि वे अब बैन किए गए खिलाड़ियों की लंबी लिस्ट सार्वजनिक करना बंद कर देंगे। इसकी जगह, टीम अब गहराई से डेटा विश्लेषण और आंकड़ों पर ध्यान देगी ताकि खिलाड़ियों को यह बेहतर ढंग से समझ आए कि चीटर्स के खिलाफ पर्दे के पीछे क्या काम चल रहा है।
सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं को लेकर है। BSG अब TPM 2.0 और Secure Boot जैसे फीचर्स को अनिवार्य करने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही VBS, IOMMU और HVCI जैसी तकनीकों पर भी रिसर्च की जा रही है। एक प्लेयर के तौर पर इसका मतलब है कि भविष्य में Tarkov खेलने के लिए आपके सिस्टम को अधिक सुरक्षित मानकों पर खरा उतरना होगा, जिससे हार्डवेयर-लेवल के चीट्स को रोकना आसान हो जाएगा।
रेड के दौरान चीटर के हाथों मारे जाने वाले खिलाड़ियों के लिए भी राहत की खबर है। BSG ने मुद्रा मुआवजे (money compensation) को बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, तकनीकी सीमाओं के कारण खोए हुए गियर को सीधे वापस करना फिलहाल संभव नहीं है, लेकिन बढ़ी हुई राशि आपके नुकसान की भरपाई करने में मदद करेगी।
BSG ने यह भी दोहराया है कि कई बार 'फॉल्स बैन' की शिकायतें असल में अकाउंट सुरक्षा में चूक या 2FA (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) के अभाव के कारण होती हैं। यदि आप नोरविंस्क क्षेत्र की इस अराजकता में अपने गियर और प्रगति को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो अकाउंट की सुरक्षा को प्राथमिकता देना अब पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।
