काफी समय से समुदाय में इन उपकरणों को लेकर बहस चल रही थी। ये डिवाइस खिलाड़ियों को बिना किसी मेहनत के रिकोइल (recoil) कंट्रोल करने और मूवमेंट्स को ऑटोमेट करने की सुविधा देते थे, जिससे उन खिलाड़ियों को भारी नुकसान होता था जो अपने कौशल के दम पर खेलते हैं। Respawn Entertainment ने अब स्पष्ट कर दिया है कि आउटलैंड्स में इस तरह की धोखाधड़ी के लिए कोई जगह नहीं है।
एंटी-चीट टीम के अनुसार, इन उपकरणों का उपयोग करना गेम के मुख्य सिद्धांतों के खिलाफ है। Apex Legends एक ऐसा गेम है जहाँ स्क्वाड सिनर्जी और व्यक्तिगत गनप्ले कौशल सबसे ज्यादा मायने रखते हैं, और हार्डवेयर के जरिए मिलने वाला कोई भी अनुचित लाभ खेल के संतुलन को बिगाड़ता है।
खिलाड़ियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस अपडेट के बाद, सिस्टम उन डिवाइसों की पहचान करने में अधिक सक्षम होगा जो इनपुट सिग्नल में बदलाव करते हैं। जो खिलाड़ी इन उपकरणों का उपयोग करते पकड़े जाएंगे, उन्हें सख्त दंड और संभावित बैन का सामना करना पड़ सकता है। यह कदम विशेष रूप से उच्च-रैंक वाले मैचों और पेशेवर टूर्नामेंटों की अखंडता को बचाने के लिए उठाया गया है।
- रिकोइल ऑटोमेशन: अब सॉफ्टवेयर द्वारा रिकोइल को शून्य करना संभव नहीं होगा।
- इनपुट हेरफेर: माउस और कीबोर्ड को कंट्रोलर के रूप में दिखाना अब मुश्किल होगा।
- फेयर प्ले: सभी प्लेटफॉर्म (PC और कंसोल) पर समान अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
एक गेमर के तौर पर, यह देखना सुखद है कि डेवलपर्स केवल सॉफ्टवेयर हैक्स ही नहीं, बल्कि उस 'ग्रे एरिया' वाले हार्डवेयर पर भी ध्यान दे रहे हैं जिसने लंबे समय से कंसोल गेमिंग को प्रभावित किया है। अगर आप ईमानदारी से अपनी स्किल्स सुधार रहे हैं, तो यह अपडेट आपके लिए एक बड़ी जीत है।
