Respawn की एंटी-चीट टीम ने हाल ही में Apex Legends समुदाय के बीच चल रही दो बड़ी चिंताओं—ALGS में कंट्रोलर हार्डवेयर की वैधता और अजीबोगरीब सर्वर क्रैश—पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
ALGS Year 5 Championship के दौरान, एक थर्ड-पार्टी कंट्रोलर को लेकर काफी बहस छिड़ी थी जिसमें नॉन-कंप्लायंट प्रोग्रामेबल और वायरलेस फीचर्स थे। जांच के दौरान इसे शुरू में हटा दिया गया था, लेकिन फर्मवेयर अपडेट और कड़ी निगरानी के बाद इसे फिर से अनुमति दी गई। हालांकि, टीम ने चेतावनी दी है कि इस कंट्रोलर के 'कंज्यूमर वर्जन' अभी भी नियमों के खिलाफ हो सकते हैं और खिलाड़ी इन्हें अपने जोखिम पर ही इस्तेमाल करें।
इसके अलावा, पिछले कुछ समय से खिलाड़ी अचानक मैच डिस्कनेक्ट होने और सर्वर अस्थिरता की शिकायत कर रहे थे। कई लोगों को लगा कि यह DDoS हमला है, लेकिन असली कारण काफी अजीब था। जांच में पता चला कि यह एक 'वैलिडेशन एज केस' था, जहाँ कुछ खिलाड़ियों के अत्यधिक लंबे नाम एक स्क्रिप्टिंग एरर पैदा कर रहे थे, जिससे पूरा मैच ही क्रैश हो जा रहा था।
इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए, डेवलपर्स ने प्लेयर नाम की लंबाई की सीमा को सख्त कर दिया है। अब कोई भी खिलाड़ी नाम की फॉर्मेटिंग का गलत फायदा उठाकर सर्वर को बाधित नहीं कर पाएगा। Apex Legends जैसे प्रतिस्पर्धी खेल में, इस तरह के छोटे तकनीकी सुधार भी गेम की अखंडता बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं।
