गेम के निष्पक्ष माहौल को बनाए रखने के लिए War Thunder का सबसे बड़ा हथियार इसका 'सर्वर-अथॉरिटेटिव मॉडल' और 'फॉग ऑफ वार' सिस्टम है। इसका मतलब है कि गेम के अधिकांश महत्वपूर्ण फैसले सर्वर साइड पर होते हैं, जिससे क्लाइंट-साइड हैकिंग की गुंजाइश बहुत कम हो जाती है।
तकनीकी मोर्चे पर, PC खिलाड़ियों के लिए सुरक्षा की दो परतें काम कर रही हैं: Viking (Ring-3) और BattlEye (Kernel-level)। दिलचस्प बात यह है कि दिसंबर 2024 में पुराने Easy Anti-Cheat (EAC) को हटाकर BattlEye को शामिल किया गया था। इस बदलाव का असर आंकड़ों में भी दिखा है। जहाँ 2023 तक हर महीने औसतन केवल 300 बैन होते थे, वहीं नई प्रणालियों के लागू होने के बाद जनवरी 2024 में यह संख्या बढ़कर 9,569 तक पहुँच गई।
डेटा प्राइवेसी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। Viking एंटी-चीट द्वारा एकत्र किया गया डेटा AES-एन्क्रिप्टेड होता है। यदि कोई खिलाड़ी बैन नहीं होता है, तो उसके सिग्नेचर मैच से जुड़ा डेटा एक साल के भीतर डिलीट कर दिया जाता है। हालांकि, कन्फर्म बैन वाले खिलाड़ियों का डेटा अनिश्चित काल के लिए सुरक्षित रखा जाता है ताकि उन्हें दोबारा गेम में आने से रोका जा सके।
क्या ये बदलाव काम कर रहे हैं?
बैन की बढ़ती संख्या दर्शाती है कि नया BattlEye इंटीग्रेशन और लेयर्ड सुरक्षा मॉडल चीटर्स को पकड़ने में कहीं अधिक प्रभावी है। एक सिम्युलेटर गेम के रूप में, जहाँ एक शॉट मैच का रुख बदल सकता है, वहां एंटी-चीट का मजबूत होना मेटा की स्थिरता के लिए अनिवार्य है।
