War Thunder का इन्फैंट्री क्लोज्ड बीटा टेस्ट (CBT) अब अपने अगले और सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है। शुरुआती 20v20 परीक्षणों के बाद, डेवलपर्स अब सर्वर की असली क्षमता को परखने के लिए 128 खिलाड़ियों तक के बड़े पैमाने वाले युद्ध की तैयारी कर रहे हैं।
इस अपडेट का सबसे बड़ा बदलाव गेमप्ले के अनुभव को और अधिक सटीक बनाना है। हथियारों के कंट्रोल सिस्टम में सुधार किया गया है, जिसमें मुड़ते समय 'इनर्शिया' (जड़ता) को फिर से तैयार किया गया है। इसका मतलब है कि अब इन्फैंट्री के साथ निशाना लगाना पहले जैसा नहीं रहेगा—यह अधिक चुनौतीपूर्ण और यथार्थवादी होगा। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए अब माउस सेंसिटिविटी को इन्फैंट्री कॉम्बैट के लिए अलग से सेट किया जा सकेगा, जो क्लोज-क्वार्टर बैटल्स में गेम-चेंजर साबित होगा।
मैदान पर ताकत बढ़ाने के लिए, इस चरण में कुछ सबसे घातक आधुनिक वाहनों के लाइनअप शामिल किए जा रहे हैं। खिलाड़ियों को निम्नलिखित वाहनों को आज़माने का मौका मिलेगा:
- टैंक: M1A2 SEP V2 और T-90M जैसे आधुनिक मुख्य युद्धक टैंक।
- हेलीकॉप्टर: AH-64A Apache और Mi-28N।
- एंटी-एयर: LAV-AD और 2S6 Tunguska।
UAV (ड्रोन) के इस्तेमाल में भी एक रणनीतिक बदलाव किया गया है। फ्लाइंग विंग ड्रोन अब शेप्ड-चार्ज प्रोजेक्टाइल के बजाय माइन (सुरंग) ले जाएंगे, जिससे उनका मुख्य काम एंटी-इन्फैंट्री भूमिका निभाना होगा। इसके अलावा, साउंडस्केप में भी सुधार किया गया है ताकि ड्रोन ऑपरेटरों को ड्रोन के शोर के बजाय आसपास की आवाज़ें बेहतर सुनाई दें। साथ ही, दुश्मन और सहयोगियों के कदमों की आहट को अब और अधिक स्पष्टता से पहचाना जा सकेगा, जो रणनीतिक बढ़त के लिए बहुत जरूरी है।
