Delta Force की सुरक्षा टीम, G.T.I. Security ने चीटर्स के खिलाफ जंग और तेज कर दी है। अब खेल में चीटिंग के शिकार हुए खिलाड़ियों के लिए 'Cheat Kill Compensation' के नियमों को आसान बना दिया गया है। पहले केवल उन खिलाड़ियों को मुआवजा मिलता था जिनके विरोधी को 10 साल का बैन मिला हो, लेकिन अब 30-दिन के बैन वाले मामलों में भी प्रभावित प्लेयर्स को इन-गेम भरपाई दी जाएगी।
एक टैक्टिकल शूटर में फेयर प्ले सबसे महत्वपूर्ण होता है, और TiMi Studio इस बात को गंभीरता से ले रहा है। हालिया सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, 13 अप्रैल से 19 अप्रैल के बीच सुरक्षा टीम ने कड़े कदम उठाए हैं। पीसी प्लेटफॉर्म पर 3,014 से अधिक अकाउंट्स को 10 साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है, जबकि 13,314 डिवाइसों को एक साल के लिए ब्लॉक कर दिया गया है।
सिर्फ चीटिंग ही नहीं, खेल की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने वाले 'ऑटोमेटेड स्क्रिप्ट' और 'बॉट फार्मिंग' पर भी बड़ी स्ट्राइक हुई है। लगभग 54,743 ऐसे मामलों की पहचान की गई, जिसके परिणामस्वरूप 27,000 से अधिक अकाउंट्स पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मुआवजा कैसे और कब मिलेगा?
अगर आपने किसी ऐसे खिलाड़ी को रिपोर्ट किया है जो चीटिंग कर रहा था, और आपकी रिपोर्ट के आधार पर उसे कम से कम 30 दिन का बैन मिलता है, तो आप मुआवजे के हकदार हैं।
- डिलीवरी का समय: बैन की पुष्टि वाला ईमेल मिलने के 3 कार्य दिवसों के भीतर।
- माध्यम: मुआवजा सीधे आपके इन-गेम मेलबॉक्स में भेजा जाएगा।
- जीरो टॉलरेंस: स्थायी अकाउंट बैन के साथ-साथ आईपी बैन और अवैध रूप से कमाए गए इन-गेम एसेट्स को जब्त करना भी शामिल है।
एक गेमर के तौर पर, यह देखना सुखद है कि डेवलपर्स सिर्फ बैन नहीं कर रहे, बल्कि उन खिलाड़ियों का भी ध्यान रख रहे हैं जिनका गेमिंग अनुभव इन चीटर्स की वजह से खराब हुआ। Delta Force में यह बदलाव गेम की कम्युनिटी के लिए एक बड़ा सकारात्मक कदम है।
