Call of Duty: Black Ops 7 के मल्टीप्लेयर अनुभव को सुरक्षित बनाने के लिए RICOCHET एंटी-चीट ने सीजन 03 के साथ अपने सुरक्षा घेरे को और कड़ा कर दिया है। इस बार निशाना केवल सॉफ्टवेयर हैक्स ही नहीं, बल्कि वे हार्डवेयर डिवाइस भी हैं जो गेमप्ले में अनुचित लाभ देते हैं।
सीजन 03 का सबसे बड़ा बदलाव इनपुट मॉडिफिकेशन डिवाइसेस (जैसे Cronus Zen और XIM Matrix) की पहचान को लेकर है। अब RICOCHET सिस्टम इन बाहरी हार्डवेयर को अधिक सटीकता से डिटेक्ट कर सकेगा। अगर कोई खिलाड़ी कंट्रोलर असिस्ट या रिकॉइल कम करने के लिए इन डिवाइस का उपयोग करता है, तो उसे अब सीधे सिस्टम की नजरों से बचना मुश्किल होगा। यह उन फेयर प्लेयर्स के लिए बड़ी जीत है जो शुद्ध कौशल पर भरोसा करते हैं।
सुरक्षा की एक और परत जोड़ते हुए, अब सभी नए फ्री-टू-प्ले PC एक्टिविज़न अकाउंट्स के लिए SMS टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि चीटर्स के लिए बैन होने के बाद नया अकाउंट बनाकर तुरंत वापस आना अब उतना आसान नहीं होगा। अकाउंट लिंकिंग की यह प्रक्रिया सुरक्षा को और मजबूत बनाती है, खासकर प्रतिस्पर्धी मोड्स में।
PC गेमर्स के लिए सिस्टम की तकनीकी आवश्यकताओं में भी बदलाव किए गए हैं:
- TPM 2.0 और Secure Boot: जिन प्लेयर्स के सिस्टम में ये फीचर्स इनेबल नहीं हैं, उन्हें अब इन-गेम नोटिफिकेशन मिलेंगे।
- प्लेलिस्ट एक्सेस: भविष्य में इन सुरक्षा फीचर्स को ऑन न करने पर कुछ विशिष्ट प्लेलिस्ट का एक्सेस सीमित किया जा सकता है।
यह अपडेट स्पष्ट करता है कि डेवलपर्स गेम के कॉम्पिटिटिव इकोसिस्टम को लेकर गंभीर हैं। चाहे वह हार्डवेयर का दुरुपयोग हो या नए अकाउंट्स की बाढ़, RICOCHET अब हर मोर्चे पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। ब्लैक ऑप्स 7 के इस भविष्यवादी युद्ध में अब केवल आपकी स्किल ही आपकी सबसे बड़ी ताकत होगी।
